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काव्य संकलन..!!
काव्य संकलन..!!

जो भी.. दिल में आता है, उतार देता हूं.. कागज का सिपाही हूं, शब्द को नया आकार देता हूं। मुझे आकर जो मिलते हैं बिछड़ जाते हैं अपने ख्यालों को चुनकर, इक नया संसार देता हूं।

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Chapters

1.

करेंगे मनमानियां..!!

136 4.9 1 मिनट
27 सितम्बर 2021
2.

आते नहीं यूं कहीं..!

71 5 1 मिनट
28 सितम्बर 2021
3.

काफी दिखते हैं, मगर चेहरे..!

46 5 1 मिनट
28 सितम्बर 2021
4.

थोड़ा सा रास्ता है, थोड़ा नहीं..!

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5.

हजारों दफा में इक बार तो..!

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6.

और क्या जाने हम..!

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7.

दिल भी काला, हम भी काले!

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8.

मैं जीवन से पृथक हूँ!

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9.

एक ख्वाब संजोना चाहता हूं!

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10.

आजमाने को क्या है..!!

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11.

ये हसीं वादियां..!!

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12.

कबसे पुरुषत्व हो गया..!

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13.

तेरे इश्क़ में..!

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14.

मेरी गलतियों का सिला

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15.

कब तक ऐसे ही दूर से सलाम लिखूं...

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16.

जाने क्यों हूँ मैं ऐसा

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17.

क्यों आती मेरी यादें

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18.

जाने तुम कहा हो अब

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19.

ये साल भी

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20.

क्या मेरा सद्भाव नही....

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