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अपनापन
अपनापन

कंचन ने सपने देखे थे अपने भविष्य को लेकर। जबसे उसके बेटे का रिश्ता तय हुआ वह ख्यालों में खोई रहती थी कि मेरी बहू आएगी मैं उसे इतना प्यार दूंगी कि लोग फर्क न कर पाएंगे कि वह मेरी बहू है या बेटी। ...

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