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अनकहे ढाँचे
अनकहे ढाँचे

किसी ने उससे नहीं कहा कि बदल जाओ। फिर भी वह पहले जैसी नहीं रही। यह भाग उस क्षण को देखता है जब एक भूमिका धीरे-धीरे पहचान बन जाती है। जब जिम्मेदारी सामान्य लगती है, पर व्यक्ति का हिस्सा छोटा होने ...

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Chapters

1.

अनकहे ढाँचे — Part 1: भूमिका कब पहचान बन जाती है

4 0 5 मिनट
04 मार्च 2026
2.

अनकहे ढाँचे — Part 2: विवाह का अदृश्य अनुबंध

2 0 3 मिनट
05 मार्च 2026
3.

अनकहे ढाँचे — Part 3: नए घर की चुप्पी

2 0 3 मिनट
05 मार्च 2026