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उलझन
उलझन

"जब जब अपनी सोच से बाहर निकलना चाहा ,स्वयं को और अधिक जकड़ा पाया।होना चाहा बेफिक्र ,पर कभी रह न सकी। क्या था ऐसा जो अंदर ही अंदर उमड़ घुमड़ रहा था जिसे मैं समझ न पा रही थी। हमेशा.ही स्वयं को दो राहे ...

4.8
(8)
13 मिनट
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Chapters

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उलझन

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3.

इंद्रधनुष

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26 मार्च 2021
4.

छितरे रंग

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5.

मैं चोर नहीं

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6.

सौंधी गंध

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7.

बाल मन

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8.

गूंज

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9.

मेंहदी

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