pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी
Pratilipi Logo
तुम बिन जिया जाए कैसे ( चाहत ही मेरी इबादत है) 1
तुम बिन जिया जाए कैसे ( चाहत ही मेरी इबादत है) 1

तुम बिन जिया जाए कैसे ( चाहत ही मेरी इबादत है) 1

पुरुष विशेष

तुम बिन जिया जाए कैसे, ये सवाल हर धड़कन पूछे, तेरे बिना हर खुशी अधूरी, हर ख्वाब जैसे मुझसे रूठे। तेरा नाम ही सुकून है, तेरी याद ही मेरा सहारा, तुम बिन जिया जाए कैसे… ये दिल हर पल पूछे,

21 മിനിറ്റുകൾ
पढ़ने का समय
29+
लोगों ने पढ़ा
library लाइब्रेरी
download डाउनलोड करें

Chapters

1.

तुम बिन जिया जाए कैसे ( चाहत ही मेरी इबादत है)- 1

15 5 5 മിനിറ്റുകൾ
22 മാര്‍ച്ച് 2026
2.

तुम बिन जिया जाए कैसे - 2

8 5 4 മിനിറ്റുകൾ
22 മാര്‍ച്ച് 2026
3.

भाग – 3 तुम बिन जिया जाए कैसे

6 5 8 മിനിറ്റുകൾ
31 മാര്‍ച്ച് 2026