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शायरी दिल की पुकार
शायरी दिल की पुकार

शायरी दिल की पुकार

पोएट्री मैराथन

कैसे छुडाऊं साथ,वो तो गया पर उनकी  याद न गई। गुजर गई  दिन रात ,पर  उनकी याद न गई। मुझे भूल कर वो गैरों के संग जी रहा है । देकर दर्द मुझे खुद खुशियों का जाम पी रहा है। बड़ी भोली थी ,समझ न सकी ...

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Chapters

1.

शायरी दिल की पुकार

37 5 1 मिनट
21 मई 2023
2.

चिंगारियां बनकर

20 5 1 मिनट
21 मई 2023
3.

मोहब्बत के जाल

18 5 1 मिनट
22 मई 2023
4.

दे कर ज़ख्म हमें

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5.

वो आसमान का तारा हूं मैं

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6.

तुम जिंदगी हो मेरी

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7.

वक्त

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