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शायरी
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मौसम-ए-इश्क़ है तू एक कहानी बन के आया, मेरे रूह को भिगो गया  तू वो गंगा का पानी बन के आया... बड़ी लम्बी गुफ्तगू करनी है, तुम आना एक पूरी ज़िंदगी ले कर, सिकवे भी हैं तुमसे और, किस्से भी हैं कुछ वही ...

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1.

शायरी

7 0 1 मिनट
23 अप्रैल 2022
2.

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5 0 1 मिनट
23 अप्रैल 2022
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3 0 1 मिनट
25 अप्रैल 2022