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कोहरे की चादर
कोहरे की चादर

कोहरे की चादर

#तू मुझसा बन जा मैं तुम सी लगूँ चलो देखते है पिघला कर वजूद को कोहरा बनकर निराकार से दोनों..! #धूप के रथ चलते ही जैसे सपने पिघले देखो, सोचो कभी मैं ना रहूँगी तब यही कोहरा चुभेगा तुम्हें बरसेगा ...

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1.

कोहरे की चादर-कोहरे की चादर

12 5 1 मिनट
21 जुलाई 2019
2.

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