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किन्नर 3
किन्नर 3

दोपहर का सुनसान वक्त था। हल्की-हल्की गर्म हवा बह रही थी, लेकिन गली के कोने में चार बच्चे अपनी ही दुनिया में खोए हुए थे। रंग-बिरंगे दुपट्टों से उन्होंने एक छोटा सा घर बना रखा था, जैसे यह उनका खुद ...

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