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गोदान (मुंशी प्रेमचंद) ( उपन्यास)
गोदान (मुंशी प्रेमचंद) ( उपन्यास)

गोदान (मुंशी प्रेमचंद) ( उपन्यास)

होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी देकर अपनी स्त्री धनिया से कहा -- गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। ज़रा मेरी लाठी दे दे। धनिया के दोनों हाथ गोबर से भरे थे। उपले पाथकर आयी थी। ...

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Chapters

1.

गोदान (मुंशी प्रेमचंद) भाग 1-5

5 0 2 घंटे
17 मई 2024
2.

गोदान (मुंशी प्रेमचंद) (भाग 6-8)

33 5 2 घंटे
17 मई 2024