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गीत, कविता और शेर
गीत, कविता और शेर

गीत, कविता और शेर

कुछ पगडंडी, कुछ राहें थी जिनमें सुनसान सदायें थी हल्के से छू कर इतराती जो अब वो खामोश, हवाएं सी उस माझी के दर्पण का हर अक्स बिखर कर टूट गया कुछ याद हुआ जो बीत गया एक चेहरा था, दो आंखे थी हर बार ...

4.5
(90)
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Chapters

1.

कुछ याद हुआ, जो बीत गया

335 4.9 1 நிமிடம்
26 ஆகஸ்ட் 2018
2.

तेरी मेरी यादें

286 4.2 1 நிமிடம்
04 டிசம்பர் 2017
3.

कुछ वादे, जहाँ मैं और तू है

761 4.2 1 நிமிடம்
24 ஏப்ரல் 2017
4.

आशियाना मिला है..!

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5.

बेहद खास हूं मैं..!

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6.

प्यार है..?

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7.

ये जज़्बात है..!

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8.

नज़रों ही नज़रों में, इशारे मिल गए

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9.

जो हुआ वो हो गया होगा..!

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10.

समय के बच्चे ( नया साल )

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