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दिल की जुबां..!! (कुछ अनोखी कविताएं)
दिल की जुबां..!! (कुछ अनोखी कविताएं)

दिल की जुबां..!! (कुछ अनोखी कविताएं)

हमसे न पूछो ‘कैसे हो?’ हम अपने ही जनाज़े का तमाशा बनाने वाले हैं अपनी ही कस्ती हँसकर डुबाने वाले हैं मौत सौ दफा मरकर मुस्कुराने वाले हैं आजमाती है हर रोज जिंदगी हमें हम भी हर रोज जिंदगी आजमाने ...

4.9
(121)
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Chapters

1.

लोग गजब बदलते हैं!

124 5 1 മിനിറ്റ്
17 ഫെബ്രുവരി 2021
2.

आधे अधूरे

41 5 1 മിനിറ്റ്
27 മെയ്‌ 2023
3.

कौन हो तुम?

28 5 1 മിനിറ്റ്
28 മെയ്‌ 2023
4.

पहरे...!!

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5.

बारिश और बादल

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6.

पेड़ लगाओ..!!

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7.

मैं होता तो...!

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8.

कैसे हो?

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9.

क्या पता कल...!

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10.

तुम्हारी तस्वीर..!!

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11.

जिंदगी, रास्तों की झलक तो दिखा..!!

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12.

तेरे आगे हम कहां ठहर सके...!

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13.

मैं कहां हूं...!!?

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14.

मैं क्या चाहता हूं..!!

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15.

न इतनी तरज़ीह दिजै..!

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16.

फिर से मुस्कुरा तू..!!

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17.

कर सामना..!!

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18.

वजह!

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19.

पत्थर..!!

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20.

मजबूरियां

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