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ब्रम्हशिर
ब्रम्हशिर

मयाऽध्यक्षेण प्रकृतिः सूयते सचराचरम्। हेतुनाऽनेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते।।9.10।। भावार्थ: प्रकृति मेरी अध्यक्षतामें सम्पूर्ण चराचर जगत् को रचती है। हे कुन्तीनन्दन ! इसी हेतुसे जगत् का विविध ...

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Chapters

1.

ब्रम्हशिर-1

2K+ 4.9 18 मिनट
18 मई 2022
2.

ब्रम्हशिर-2

2K+ 4.8 18 मिनट
17 जुलाई 2022
3.

ब्रह्मशिर 3

2K+ 4.8 18 मिनट
15 जनवरी 2023