pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी
Pratilipi Logo
ऐ ! सुनों ....
ऐ ! सुनों ....

ऐ ! सुनों ....

अब तक तो सिर्फ अधूरापन महसूसता रहा था वो धानी के बगैर ...पर अब तो खोखला लगने लगा था सब कुछ उसके अंदर ...नदी के पानी से चेहरा धो कर खुद को संयत करने की कोशिश करते हुए नदी मे पांव डाले बैठ गया तभी ...

4.5
(647)
1 तास
पढ़ने का समय
12394+
लोगों ने पढ़ा
library लाइब्रेरी
download डाउनलोड करें

Chapters

1.

ऐ ! सुनों ....-ऐ ! सुनों ....

12K+ 4.5 1 तास
05 फेब्रुवारी 2018
2.

ऐ ! सुनों ....-ऐ ! सुनों ...

53 5 14 मिनिट्स
29 मे 2022