pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी
Pratilipi Logo
अस्वीकृत संतान (अंधेरे का आदमी)
अस्वीकृत संतान (अंधेरे का आदमी)

अस्वीकृत संतान (अंधेरे का आदमी)

सुर्योदय तो हर रोज होता है |लेकिन उसके जीवन में  ऐसा सुर्यास्त हुआ  , फिर पुनः कभी उसे प्रकाश के दर्शन नहीं हुए,,या यूं कहिए कि उसके जीवन में कभी सुर्योदय हुआ ही नहीं था | मृत्यु की कामना भी ...

4.7
(43)
12 मिनट
पढ़ने का समय
1917+
लोगों ने पढ़ा
library लाइब्रेरी
download डाउनलोड करें

Chapters

1.

अस्वीकृत संतान (अंधेरे का आदमी)

564 4.8 4 मिनट
14 जुलाई 2022
2.

अंधेरे का आदमी भाग 2 समय परिवर्तनशील है

454 5 3 मिनट
16 जुलाई 2022
3.

भाग 3 मन भी परिवर्तनशील है

425 4.4 5 मिनट
18 जुलाई 2022
4.

अंधेरे का आदमी भाग 4 अंतर्यात्रा

इस भाग को पढ़ने के लिए ऍप डाउनलोड करें
locked