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अंजाम ए मुहब्बत
अंजाम ए मुहब्बत

"जश्न तुम्हारा, टूटन हमारी" आख़िर अब खत्म हो ही गया, मुबारक हो तुम्हें, जश्न-ए-वफ़ा। हमने जो टुकड़ों में जी ली ज़िंदगी, वो तेरे नाम रही सदा। तू आज़ाद हुआ, मुस्कराया बहुत, हमने दर्द अपना छुपाया ...

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Chapters

1.

अंजाम ए मुहब्बत

7 5 1 मिनट
25 अप्रैल 2025
2.

"तेरी रिहाई, मेरा क़ैद होना"

4 5 1 मिनट
25 अप्रैल 2025
3.

नायब तो हमने तुम्हे किया था

3 5 1 मिनट
01 मई 2025
4.

तू इतना भी बेमिसाल नहीं

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5.

तू इतना भी बेमिसाल नहीं 2

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6.

इतना भी दूर न कर...

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7.

अब तो आईना भी मुझे कहता है...

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8.

"365 दुखों का साल"

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9.

अब तुम्हारा ध्यान मुझसे हटने लगा है

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10.

"अब कुछ बाकी नहीं..."

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11.

थोड़ी तो मोहब्बत उसे भी हुई होगी

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12.

भ्रम

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13.

"आसमान की गवाही"

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