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आओ सुनाए कविताएं
आओ सुनाए कविताएं

आओ सुनाए कविताएं

महकती है कभी गुलाब की खुशबू सी, तो कभी फूलों की पंखुड़ियों सी बिखर जाती है ।। चूमती है कभी आसमां को लहराती पतंग सी, तो कभी मांझे सी अनसुलझे से उलझनों में जाती है जिदंगी।।।। खो जाती है कभी सागर की ...

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1.

आओ सुनाए कविताएं

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05 ஏப்ரல் 2026
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