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उजाला साथी बन जाता है

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रात क़ी कालीमा के साथ, नींदों को तहखानों में बंद करके तो देखो, कैसे अंधेरा साथी बन जाता है, ... मन जब घबराए, होंसला अंगूठा दिखाए, थोड़ा से दिल में खुद पर भरोसा जगाकर तो देखो, कैसे होंसला खुद का साया ...

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बस एक बार
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Jyotika ritu प्रकाश
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लेखक के बारे में
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Jyotika ritu प्रकाश

पल- पल, हर लम्हा फिसल रही है जिन्दगी। कुछ तो खुशी चुरा, गम को महसूस कर " ए" मेरे नन्हे से दिल। जज्बातों का दिल पर मरहम लगा।जो भी अरमान है सीने में। इन्हे जी भर कर जी ले जरा........सीमित दायरों के पंख लगाकर, खुले आकाश में उड़ जा.......चल उड़ डा

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Pushplata Kalantri
    20 जनवरी 2022
    स्वयं साक्षी बाणों स्वयं के ,तम हर उजाला साक्षी बन जाता है अति सुंदर अभिव्यक्ति जीवन में उत्साहवर्धन करती 👌👌👌👌✍️✍️✍️✍️🤗🤗🤗🤗👏👏👏👏👏
  • author
    Pinky Dhillon
    10 जनवरी 2022
    👌👌👌अब कितनी तारिफ करू मै आपकी लेखनी की😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👌👌👌👌
  • author
    06 जनवरी 2022
    बहुत खूब👌👌👌👌
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  • author
    Pushplata Kalantri
    20 जनवरी 2022
    स्वयं साक्षी बाणों स्वयं के ,तम हर उजाला साक्षी बन जाता है अति सुंदर अभिव्यक्ति जीवन में उत्साहवर्धन करती 👌👌👌👌✍️✍️✍️✍️🤗🤗🤗🤗👏👏👏👏👏
  • author
    Pinky Dhillon
    10 जनवरी 2022
    👌👌👌अब कितनी तारिफ करू मै आपकी लेखनी की😊😊😊😊😊😊👍👍👍👍👍👌👌👌👌
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    06 जनवरी 2022
    बहुत खूब👌👌👌👌