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सेवा भाव

4.6
74

शुभ कर्मो से सेवा होती। हृदय भरी कड़वाहट खोती। मनचाहा जीवन सुख पाना। बस अपनों को गले लगाना॥ सेवा का मन भाव जगाकर। खुश होता मन आदर पाकर। बड़े बुजुर्गो की कर सेवा। सेवा से मिलती है मेवा॥ होती हर ...

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जय महाकाल
जय महाकाल
अनुराधा चौहान
4.9
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लेखक के बारे में
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अनुराधा चौहान

अपने मन की भावना को शब्दों का रूप देती हूं कुछ ख्बाव बुनती हूं कुछ ख्बाव लिखती हूं ।मेरी रचनाएं मेरे दिल की धड़कन है यहां लिखी सभी रचनाएं मेरी स्वरचित रचनाएं है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Chhaya Sah
    20 जुलाई 2021
    वाह वाह बहुत खूब लिखा है आपने 👌👌👌
  • author
    लाजवाब अतिसुन्दर बेहतरीन प्रस्तुति
  • author
    Upendra Bhatt "Bhattji"
    20 जुलाई 2021
    सुंदर सेवा भाव से भरपूर रचना,🙏🏼😊🌹💐
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    Chhaya Sah
    20 जुलाई 2021
    वाह वाह बहुत खूब लिखा है आपने 👌👌👌
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    लाजवाब अतिसुन्दर बेहतरीन प्रस्तुति
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    Upendra Bhatt "Bhattji"
    20 जुलाई 2021
    सुंदर सेवा भाव से भरपूर रचना,🙏🏼😊🌹💐