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सौभाग्यशाली (4)

4.9
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"जब तक हम ना बदले समाज कैसे बदलेगा!"   यह कहावत आदर्श की मां पर सटीक बैठती थी। उत्कर्ष और नंदिनी के बीच भेदभाव की यह तो बस शुरुआत थी। जैसे-जैसे दोनों बड़े हो रहे थे, आदर्श की मां के नियम कायदे ...

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सौभाग्यशाली (5)
सौभाग्यशाली (5)
दुःखी आत्मा "जलीभूनि"
4.9
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लेखक के बारे में
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दुःखी आत्मा

dukhiaatmajalibhooni.blogspot.com सुबह का वक़्त और कहानी के साथ एक सुकून भरी चाय मिल जाए तो मजा आ जाए 2 oct को पैदा हुई लेकिन मैं शास्त्री जी को मानती हु और अहिंसा मे बिलकुल भी भरोसा नहीं करती। और रही बात तारीफ की तो वो दुसरे करते है, मैं नहीं।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Maitri
    25 जनवरी 2022
    बहुत ही बेहतरीन भाग था मैम!!!👌👌 नीलांजना की तरह मुझे भी इतना तेज गुस्सा आया था न!!! और वही आदर्श की माँ..... मतलब हद है!! दिल पसीज़ सा गया, 6 साल की महज बच्ची!!! उफ्फ, समझ नही आ रहा के आगे क्या लिखू!? बस इतना के अच्छा हुआ जो लड़की वालों को पता लग गया और शादी रुक गई... अब बस उस हैवान को सलाखों के पीछे देखना है!!!! खैर, अगले भाग का इंतज़ार रहेगा!!
  • author
    Seema Baghla
    20 जनवरी 2022
    Aaj ka part padhkar to dimag hi kharab ho gaya aise insan ko to maar hi dena chahiye tha achha hua jo uske bete ki shaadi nahi hui nahin to pata nahi us ladki ka kya hota but ab pata nahi Adarsh ki maa kya karegi waiting for next part
  • author
    Mamta Nayyar
    29 अप्रैल 2022
    aaj bhi ese log hai uski himet hosla kase ho geya apni poti ki k sath ye kam uufff soch kar bhi dil dahel reha hai nafhret ho rehi hai us kirdar se
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    Maitri
    25 जनवरी 2022
    बहुत ही बेहतरीन भाग था मैम!!!👌👌 नीलांजना की तरह मुझे भी इतना तेज गुस्सा आया था न!!! और वही आदर्श की माँ..... मतलब हद है!! दिल पसीज़ सा गया, 6 साल की महज बच्ची!!! उफ्फ, समझ नही आ रहा के आगे क्या लिखू!? बस इतना के अच्छा हुआ जो लड़की वालों को पता लग गया और शादी रुक गई... अब बस उस हैवान को सलाखों के पीछे देखना है!!!! खैर, अगले भाग का इंतज़ार रहेगा!!
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    Seema Baghla
    20 जनवरी 2022
    Aaj ka part padhkar to dimag hi kharab ho gaya aise insan ko to maar hi dena chahiye tha achha hua jo uske bete ki shaadi nahi hui nahin to pata nahi us ladki ka kya hota but ab pata nahi Adarsh ki maa kya karegi waiting for next part
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    Mamta Nayyar
    29 अप्रैल 2022
    aaj bhi ese log hai uski himet hosla kase ho geya apni poti ki k sath ye kam uufff soch kar bhi dil dahel reha hai nafhret ho rehi hai us kirdar se