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सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य (नाटक) 6

4.9
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पिछले भाग का शेष ......                             दृश्य मगध का मंत्रिपरिषद ,महामंत्री,सेनापति,महामात्य पुरोहित और अन्य गणमान्य बैठे हुए है , (प्रहरी का प्रबेश ) प्रहरी - प्रणाम आर्य गण ...

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सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य (नाटक )7
सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य (नाटक )7
सुनील गुप्ता
4.8
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लेखक के बारे में
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सुनील गुप्ता

अंतः अस्ति प्रारंभ:॥ एकबार मेरे शब्दो की सवारी तो करे आप कल्पनाओं की एक नई दुनिया में खो जायेंगे । एक बार मेरे शब्दों से दिल तो लगाकर देखो आपका दिल न लग जाये तो कहना । नोट -: मेरे शब्दो को इतनी शिद्दत से न पढ़ो यारो कुछ याद रह गया तो हमे भूल न पाओगे ।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    ‎Diksha
    03 नवम्बर 2021
    इस नाटक पर इतने कम व्यूज🙄 पता चल रहा है कि लोगों को अपने इतिहास से कोई मतलब नहीं! उन्हें आज भी वही लव स्टोरीज और थोड़ा बहुत हॉरर में इंटरेस्ट! खैर सबकी अपनी चॉइस हैं पर आप उम्मीद मत खोइए! लेखक का कर्तव्य है कि वो लिखे फिर चाहे कोई भी पढ़े। ये भी कालजयी लेखकों के साथ भी था! पर मुझे खुशी है कि आप इसे इतनी अच्छी तरीके से लिख कर अपनी लेखनी से कोई समझौता नहीं कर रहे😊
  • author
    Er Ankit Chauhan
    29 अक्टूबर 2021
    Dear sir itna achha likhne ke liye dil se dhanyawad sir 🙏🙏 aap itihas ko bahut achhi tarah or aasan bhasha mai samjha rahe hai but dukh is baat ka hai jaha logo ko sabse jyada hona chahiye usi lekhni pr sbse km reader hai lgta hai itihas se kisi ko koi mtlb nhi hai yahi story agar pyar mohabbat wali hoti to readers bhi jyada hote or comment bhi bahut hi dukh ki baat h ye to
  • author
    Kanti chandra Pathak
    03 नवम्बर 2021
    अति सुन्दर राष्ट्रीय एकता की कहानी तथा आचार्य विष्णु गुप्त की भारत को यवनों से बचाने का दृढ़ संकल्प नाटक की विलक्षण चरित्र दर्शाने के लिए लेखक महोदय को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद
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    ‎Diksha
    03 नवम्बर 2021
    इस नाटक पर इतने कम व्यूज🙄 पता चल रहा है कि लोगों को अपने इतिहास से कोई मतलब नहीं! उन्हें आज भी वही लव स्टोरीज और थोड़ा बहुत हॉरर में इंटरेस्ट! खैर सबकी अपनी चॉइस हैं पर आप उम्मीद मत खोइए! लेखक का कर्तव्य है कि वो लिखे फिर चाहे कोई भी पढ़े। ये भी कालजयी लेखकों के साथ भी था! पर मुझे खुशी है कि आप इसे इतनी अच्छी तरीके से लिख कर अपनी लेखनी से कोई समझौता नहीं कर रहे😊
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    Er Ankit Chauhan
    29 अक्टूबर 2021
    Dear sir itna achha likhne ke liye dil se dhanyawad sir 🙏🙏 aap itihas ko bahut achhi tarah or aasan bhasha mai samjha rahe hai but dukh is baat ka hai jaha logo ko sabse jyada hona chahiye usi lekhni pr sbse km reader hai lgta hai itihas se kisi ko koi mtlb nhi hai yahi story agar pyar mohabbat wali hoti to readers bhi jyada hote or comment bhi bahut hi dukh ki baat h ye to
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    Kanti chandra Pathak
    03 नवम्बर 2021
    अति सुन्दर राष्ट्रीय एकता की कहानी तथा आचार्य विष्णु गुप्त की भारत को यवनों से बचाने का दृढ़ संकल्प नाटक की विलक्षण चरित्र दर्शाने के लिए लेखक महोदय को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद