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रामचरितमानस-बालकाण्ड-रामचरितमानस-बालकाण्ड

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<div>रामचारितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी भाषा में लिखा हुआ महकाव्य है।&nbsp;</div> <div>&nbsp;</div> <div>भगवान श्रीराम की कहानी बताने वाला ये ग्रंथ पूरी हिन्दुओं के हिन्दुओं के लिये अति ...

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रामचरितमानस-बालकाण्ड-प्रथम सोपान
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गोस्वामी तुलसीदास
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बालकाण्ड श्लोक - वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मङ्गलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥१॥ भवानीशङ्करौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ। याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाःस्वान्तःस्थमीश्वरम्॥२॥ वन्दे ...

लेखक के बारे में

मूल नाम : गोस्वामी तुलसीदास(मूलनाम: रामबोला) जन्म : 9 सितंबर 1497, राजापुर(चित्रकूट, उत्तर प्रदेश) देहावसान : 7 जनवरी 1623, असि घाट, वाराणसी(उत्तर प्रदेश) भाषा : हिन्दी, अवधी, संस्कृत विधाएँ : दोहे, छंद, चौपाई गोस्वामी तुलसीदास भारत के सबसे प्रसिद्ध रचनाकारों में से एक हैं, उनकी कालजयी रचना &#39;राम चरित मानस&#39; जो कि वाल्मीकि कृत &#39;रामायण&#39; का अवधी भाषांतर है हिन्दुओं में बड़े चाव से पड़ा जाता है। तुलसीदास को कुछ लोग वाल्मीकि का अवतार भी मानते हैं जिसकी वजह से उनका एक उपनाम अभिनव-वाल्मीकि भी है। तुलसीदास भगवान श्रीराम के परम भक्त थे एवं उन्होने राम चरित मानस के अलावा विनय-पत्रिका, कवितावली, गीतावली जैसी अनेक प्रतिष्ठित रचनाओं का सृजन भी किया है।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Vijay jaat
    24 अक्टूबर 2018
    jai shree Raam
  • author
    Sushil P. Nagar
    04 अप्रैल 2021
    कहते हैं राम मूर्तिमान धर्म हैं - " रामो विग्रहवान् धर्मः" और माना जाता है कि रामचरितमानस साक्षात् राम ही हैँ। बालकांड इन शब्द-राम का चरण है जिस पर यह राम-कथा खड़ी है । मैं अज्ञानी समीक्षा करने लायक कहाँ? हाँ बस इतना कह सकता हूँ कि तुलसीदास ने मानक अवधी भाषा का रूप निर्धारित किया , सारे निगम आगम पुराण काव्य नाटक अनुश्रुति आदि का निचोड़ प्रस्तुत किया , निर्गुण ब्रह्म राम को भावमय राम बनाया और हमें 'मानस' के रूप में दिया शब्दमय राम ! ऐसे राम और उनके भक्त को अनंत प्रणाम!!
  • author
    Kamal Yadav
    20 अगस्त 2020
    अवधी भाषा का सुंदर प्रयोग रामचरित मानस में ही निहित है। जय श्री राम!🙏
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    Vijay jaat
    24 अक्टूबर 2018
    jai shree Raam
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    Sushil P. Nagar
    04 अप्रैल 2021
    कहते हैं राम मूर्तिमान धर्म हैं - " रामो विग्रहवान् धर्मः" और माना जाता है कि रामचरितमानस साक्षात् राम ही हैँ। बालकांड इन शब्द-राम का चरण है जिस पर यह राम-कथा खड़ी है । मैं अज्ञानी समीक्षा करने लायक कहाँ? हाँ बस इतना कह सकता हूँ कि तुलसीदास ने मानक अवधी भाषा का रूप निर्धारित किया , सारे निगम आगम पुराण काव्य नाटक अनुश्रुति आदि का निचोड़ प्रस्तुत किया , निर्गुण ब्रह्म राम को भावमय राम बनाया और हमें 'मानस' के रूप में दिया शब्दमय राम ! ऐसे राम और उनके भक्त को अनंत प्रणाम!!
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    Kamal Yadav
    20 अगस्त 2020
    अवधी भाषा का सुंदर प्रयोग रामचरित मानस में ही निहित है। जय श्री राम!🙏