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नारी तू नारायणी!

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नारी तू नारायणी! है कर्तव्य परायणी। अश्रुओं में सिक्त है, कितने सुखों से रिक्त है, फिर भी है सुखदायनी, नारी तू नारायणी! है त्याग की प्रतिमूर्ति, नित परोद्देश्य की पूर्ति, तुझ पर लिखी " कामायनी" नारी ...

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जानते हो तुम उसे...
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आद्य 'शक्ति' "आद्या"
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शीश वसुधा के सजाया जिसने हिमालय ताज है, जानते हो तुम उसे या ये कि कोई राज़ है? विश्व के सब प्राणियों में जिसने भरी आवाज़ है जानते हो तुम उसे या ये कि कोई राज़ है? कल है जिसके हाथों में, हाथों में ...

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आद्य 'शक्ति'
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sandip Sharmaz . Sharmaz "Lucky"
    04 जनवरी 2022
    नारी तू पवित्र पावनी। प्रफुल्लित उत्साहित मन भावनी। जय श्रीकृष्ण
  • author
    Kumud Rani
    04 जनवरी 2022
    सबका पालन करने वाली नारी की महत्ता का बहुत सुंदर शब्दों में वर्णन किया है आपने..! उत्कृष्ट प्रस्तुति...!👌👌👌
  • author
    Ritu Goel
    04 जनवरी 2022
    वाह वाह वाह वाह वाह वाह बहुत खूब अति उत्तम प्रस्तुति शानदार बेहतरीन उत्कृष्ट नारी तू नारायणी 👌👌👌
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sandip Sharmaz . Sharmaz "Lucky"
    04 जनवरी 2022
    नारी तू पवित्र पावनी। प्रफुल्लित उत्साहित मन भावनी। जय श्रीकृष्ण
  • author
    Kumud Rani
    04 जनवरी 2022
    सबका पालन करने वाली नारी की महत्ता का बहुत सुंदर शब्दों में वर्णन किया है आपने..! उत्कृष्ट प्रस्तुति...!👌👌👌
  • author
    Ritu Goel
    04 जनवरी 2022
    वाह वाह वाह वाह वाह वाह बहुत खूब अति उत्तम प्रस्तुति शानदार बेहतरीन उत्कृष्ट नारी तू नारायणी 👌👌👌