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महाकवि नागार्जुन की कविता प्रेत का बयान से आगे

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प्रेत का बयान से आगे चुप रह गये संवतनि नरेश सोचते रह गये कुछ क्षण क्या सत्य क्या झूठ ...

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सावन आयेगा
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Diwa Shanker Saraswat "प्रशांत"
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लेखक के बारे में
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Diwa Shanker Saraswat

दिवा शंकर सारस्वत, उप मण्डल अभियंता, भारत संचार निगम लिमिटेड, नौकरी में व्यस्तता अधिक रहती है। फिर भी सार्थक लेखन का प्रयास करता हूं। ईमेल : [email protected] पुस्तकें प्रकाशित : (1) नदी के किनारे (काव्य संग्रह), राजमंगल प्रकाशन, अलीगढ़ से माह फरवरी 2021 में प्रकाशित (2) सीता राम की कहानियाॅ, नया अंदाज, (कहानी संग्रह), राजमंगल प्रकाशन, अलीगढ़ से माह मई 2021 में प्रकाशित (३) वैशालिनी (उपन्यास), शापजीन प्रकाशन द्वारा अप्रेल २०२३ में प्रकाशित प्रतिलिपि पर आयोजित अनेकों प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत हुआ हूँ। साथ ही मेरा उपन्यास 'दुनिया के रंग' को प्रतिलिपि सुपर लेखन प्रतियोगिता में छठे स्थान पर पुरस्कृत किया गया है। इस समय दुनिया के रंग प्रतिलिपि प्रीमियम के अंतर्गत रखा गया है। जिंदगी की कहानी को सुपर लेखन प्रतियोगिता ४ में पुरस्कार मिला है। अभी जिंदगी की कहानी को प्रतिलिपि प्रीमियम में रखा गया है।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Toshmani 😊😊
    30 अक्टूबर 2020
    वाह ,,नागार्जुन जी तो बेधड़क ,बेमिसाल थे ... बहुत अच्छा लिखे आप...👌👌🙏
  • author
    Sunanda Aswal
    30 अक्टूबर 2020
    बहुत सही लिखा कवि नागर्जुन..जी ने...भारत की मिट्टी आजाद है...💐💐
  • author
    Ambika Jha
    30 अक्टूबर 2020
    बहुत ही शानदार प्रस्तुति 🌹🌟🌟💐👏👏💐👌
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    Toshmani 😊😊
    30 अक्टूबर 2020
    वाह ,,नागार्जुन जी तो बेधड़क ,बेमिसाल थे ... बहुत अच्छा लिखे आप...👌👌🙏
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    Sunanda Aswal
    30 अक्टूबर 2020
    बहुत सही लिखा कवि नागर्जुन..जी ने...भारत की मिट्टी आजाद है...💐💐
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    Ambika Jha
    30 अक्टूबर 2020
    बहुत ही शानदार प्रस्तुति 🌹🌟🌟💐👏👏💐👌