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काँटों की सेज

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........................ भूमिका ..................... मेरी आने वाली रचना का नाम हैं और काँटों की सेज l मेरी यह रचना तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द मंडराती है l यह तीनों महिलाएँ आपस में एक दूसरे से ...

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काँटों की सेज (1)
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शैली बनर्जी (भारती) "भारती"
4.8

दिल का सूनापन शाम होते ही वंदना उठी और घर के मंदिर में जाकर पूजा करने लगी, धुप बत्ती जला कर शंखनाद कर छत में गई और रोज़ की तरह पौधों में पानी डाल एक कुर्सी में बैठ ...

लेखक के बारे में

मैं एक लेखक और कवि हूँ कोलकाता से हूँ हिन्दी मे एम. ए हूँ और एक गृहणी हूँ l

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    सौरदीप अधिकारी
    22 अप्रैल 2025
    नमस्कार। आपकी रचना पढ़के बहुत अच्छा लगा। ये सत्य मे एक बहुत अच्छा लेखन है। ओर लिखते रहिए। मै भी प्रतिलिपि हिंदी में लिखता हूं। मुझे प्रतिलिपि में अनुसरण करते हुए साथ जुड़े रहने का आपसे आन्तरिक अनुरोध रहा। धन्यवाद सहित शुभकामनाएं।
  • author
    I. S. ALi
    10 दिसम्बर 2022
    बेहतरीन प्रस्तुति✍️✍️✍️👌👌👌👌👌👌👌
  • author
    अति उत्तम! आपकी रचना का इंतजार रहेगा!
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    सौरदीप अधिकारी
    22 अप्रैल 2025
    नमस्कार। आपकी रचना पढ़के बहुत अच्छा लगा। ये सत्य मे एक बहुत अच्छा लेखन है। ओर लिखते रहिए। मै भी प्रतिलिपि हिंदी में लिखता हूं। मुझे प्रतिलिपि में अनुसरण करते हुए साथ जुड़े रहने का आपसे आन्तरिक अनुरोध रहा। धन्यवाद सहित शुभकामनाएं।
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    I. S. ALi
    10 दिसम्बर 2022
    बेहतरीन प्रस्तुति✍️✍️✍️👌👌👌👌👌👌👌
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    अति उत्तम! आपकी रचना का इंतजार रहेगा!