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"चलती का नाम जिंदगी"

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सलोनी अपने गीले बालों को बांधे हुए किचन में काम कर रही थी। तभी उसकी मां उसे जोर से चिल्लाती है ,कितनी बार कहा है, गीले बालों में गैस पर काम नहीं किया करो फिर से सिर दर्द होने लगेगा, पर तुम कुछ सुनो...

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श्वेता विजय mishra
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लेखक के बारे में

लेखिका

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    sarita chand
    25 नवम्बर 2020
    बहुत बढ़िया रचना लिखा आपने परिस्थितियां इंसान को सब सिखाती देती है 👍👍👌👌👌👌👌🌹🌹🌹🌹✍️✍️
  • author
    24 नवम्बर 2020
    सच है किसी के जाने से दुनियाँ नहीं रुकती,, बस जिंदगी के चलने का तरीका बदल जाता है💐
  • author
    Sneh Lata Pandey "स्नेह"
    24 नवम्बर 2020
    एकदम व्यवहारिक कहानी लिखी है आपने!बच्चे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।👌👌👌👌👌
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    sarita chand
    25 नवम्बर 2020
    बहुत बढ़िया रचना लिखा आपने परिस्थितियां इंसान को सब सिखाती देती है 👍👍👌👌👌👌👌🌹🌹🌹🌹✍️✍️
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    24 नवम्बर 2020
    सच है किसी के जाने से दुनियाँ नहीं रुकती,, बस जिंदगी के चलने का तरीका बदल जाता है💐
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    Sneh Lata Pandey "स्नेह"
    24 नवम्बर 2020
    एकदम व्यवहारिक कहानी लिखी है आपने!बच्चे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।👌👌👌👌👌