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वो काली रात

4.6
4833

बिस्तर पर लेटे नन्दनी को एक घँटा हो गया था। पर नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी। आज से करीब 25 साल पहले की वो काली डरावनी रात वो आज तक नहीं भूली थी। वो सन्नाटे में डूबी काली रात का डरावना काला सच ...

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आंधी-तूफान
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नीलम अग्रवाल "नील"
4.8

बारिश में भीगते हुए अभिषेक नन्दनी का हाथ पकड़ लेता है। इससे नन्दनी के पूरे बदन में बिजली सी क्रौंध जाती है। अभिषेक नन्दनी का हाथ थामे उसे खुद की और खींच लेता  है....और दोनों आंखों में आँखे डाले बारिश ...

लेखक के बारे में
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नीलम अग्रवाल

"यथा दृष्टि, तथा सृष्टि!" DarkFantasy, Tantra-Mantra, HorrorStories And Suspense-Thriller जय मां तारा🌹🌹

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kiran Singh
    03 जुलाई 2021
    सुंदर कहानी वास्तविक जिंदगी मे भी ऐसा ही होता है कभी कभी
  • author
    मंदाकिनी "नंदा"
    11 जुलाई 2022
    आपकी रचना बहुत ही सुंदर है
  • author
    Shweta Kumar
    21 मई 2022
    nice part
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kiran Singh
    03 जुलाई 2021
    सुंदर कहानी वास्तविक जिंदगी मे भी ऐसा ही होता है कभी कभी
  • author
    मंदाकिनी "नंदा"
    11 जुलाई 2022
    आपकी रचना बहुत ही सुंदर है
  • author
    Shweta Kumar
    21 मई 2022
    nice part