बिस्तर पर लेटे नन्दनी को एक घँटा हो गया था। पर नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी। आज से करीब 25 साल पहले की वो काली डरावनी रात वो आज तक नहीं भूली थी। वो सन्नाटे में डूबी काली रात का डरावना काला सच ...
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आंधी-तूफान
नीलम अग्रवाल "नील"
4.8
बारिश में भीगते हुए अभिषेक नन्दनी का हाथ पकड़ लेता है। इससे नन्दनी के पूरे बदन में बिजली सी क्रौंध जाती है। अभिषेक नन्दनी का हाथ थामे उसे खुद की और खींच लेता है....और दोनों आंखों में आँखे डाले बारिश ...
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