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वापसी टिकट (पुरस्कृत कहानी )

4.7
5881

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मुआवजा
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कल्पना रामानी
4.4
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लेखक के बारे में

कहानियाँ, लघुकथाओं के अलावा गीत, गजल आदि समस्त छंद विधाओं में रुचि। रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। *प्रकाशित कृतियाँ- १)नवगीत संग्रह- “हौसलों के पंख” https://kalpanaramanis.blogspot.com २)गीत-नवगीत- संग्रह-“खेतों ने ख़त लिखा” ३)ग़ज़ल संग्रह- 'मैं ‘ग़ज़ल कहती रहूँगी" उपन्यास- "प्रलय से परिणय तक" *पुरस्कार व सम्मान- -पूर्णिमा वर्मन(संपादक वेब पत्रिका-“अभिव्यक्ति-अनुभूति”)द्वारा प्रथम नवगीत संग्रह पर नवांकुर पुरस्कार से सम्मानित -कहानी प्रधान पत्रिका कथाबिम्ब में प्रकाशित कहानी 'कसाईखाना' के लिए कमलेश्वर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित -कहानी 'अपने-अपने हिस्से की धूप" प्रतिलिपि कहानी प्रतियोगिता में प्रथम व लघुकथा "दासता के दाग" के लिए लघुकथा प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित *सम्प्रति- वर्तमान में वेब पर प्रकाशित होने वाली पत्रिका- अभिव्यक्ति- अनुभूति(संपादक/पूर्णिमा वर्मन) के सह-संपादक पद पर 2013 से 2020 तक कार्यरत। वर्तमान निवास नवी मुंबई महाराष्ट्र

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dharm Pal Singh Rawat
    05 മാര്‍ച്ച് 2021
    अच्छी कहानी। सनातन धर्म की परम्पराऐं कुछ सोच समझ कर बनी होगी। गंगा में अस्थिविसर्जन, स्नान करने से मोक्स मिलता है यह सब तो गंगा माँ के लिए श्रद्धा बढ़ाता है। गंगा अस्थियों के विषर्जन से नहीं गंदे नालों से दूषित हो रही है। सोच अपनी अपनी।
  • author
    06 ഫെബ്രുവരി 2020
    आदरणीया कल्पना जी, प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए हार्दिक बधाई। आपकी कहानी सार्थक संदेश देती हुई लगी। साधुवाद! ब्रजेन्द्र नाथ
  • author
    Neha Gupta
    23 ഫെബ്രുവരി 2021
    Bahot hi inspiring message diya h aapne is kahani k thru aur baat bilkul sahi h ki jab hum mrit aadmi k mooh m gangajal dakte h aur fir asthiya gangaji m bahate h🙄🙄
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    Dharm Pal Singh Rawat
    05 മാര്‍ച്ച് 2021
    अच्छी कहानी। सनातन धर्म की परम्पराऐं कुछ सोच समझ कर बनी होगी। गंगा में अस्थिविसर्जन, स्नान करने से मोक्स मिलता है यह सब तो गंगा माँ के लिए श्रद्धा बढ़ाता है। गंगा अस्थियों के विषर्जन से नहीं गंदे नालों से दूषित हो रही है। सोच अपनी अपनी।
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    06 ഫെബ്രുവരി 2020
    आदरणीया कल्पना जी, प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए हार्दिक बधाई। आपकी कहानी सार्थक संदेश देती हुई लगी। साधुवाद! ब्रजेन्द्र नाथ
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    Neha Gupta
    23 ഫെബ്രുവരി 2021
    Bahot hi inspiring message diya h aapne is kahani k thru aur baat bilkul sahi h ki jab hum mrit aadmi k mooh m gangajal dakte h aur fir asthiya gangaji m bahate h🙄🙄