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बदलते रिश्तों के सिलसिले (3)

4.4
45876

अगले दिन शिवाय उठा तो देखा 7:00 बज गए हैं और शंकर अभी तक उठा नहीं वह शंकर के कमरे में गया उसने देखा शंकर अब तक सो रहा है उस ने आवाज लगाई! शंकर उठो स्कूल नहीं जाना क्या! शंकर जल्दी से उठा और ...

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बदलते रिश्तों के सिलसिले (4)
बदलते रिश्तों के सिलसिले (4)
डेजी "गोस्वामी"
4.5
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लेखक के बारे में
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डेजी

मै जीवन के संघर्ष , रिश्तों की गहराई और भावनाओं को शब्दों में ढालने की कोशिश करती हूं। आशा है पाठक उसे अपने जीवन से जुड़ता महसूस करते होंगे।वह कहानी के नायक नायिका या खलनायक हो सकतें हैं।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    R.shya
    30 जनवरी 2019
    good story
  • author
    Asha Shukla ""Asha""
    02 फ़रवरी 2019
    very nice and fantastic creation.
  • author
    prabha malhotra
    18 जनवरी 2019
    good story, waiting for next part.....
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    R.shya
    30 जनवरी 2019
    good story
  • author
    Asha Shukla ""Asha""
    02 फ़रवरी 2019
    very nice and fantastic creation.
  • author
    prabha malhotra
    18 जनवरी 2019
    good story, waiting for next part.....