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हिन्दी

अनकहा प्रेम-1

4.0
7906

अनीशा ने बताया कि वो उसी स्कूल में पढ़ती थी जहाँ वो कंप्यूटर ओपरेटर का काम करते थे। अब जयंत को पता चला कि अरे ये तो वो ग्लेमौर क्वीन है, जिसकी बाते हर 12 क्लास के लड़के की जबान पर रहती थी। अब ये तो जग...

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अनकहा प्रेम-2
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jai prakash prajapati "J.p."
4.6

जब प्रेम प्रथम दृष्टया हो जाये और वो भी घनिष्ट, तो उसको अभिव्यक्ति देना आसान नहीं होता है। दिल अपने जी सवालों के घेरे में फंस जाता है। जितने सवाल उठने ही जवाब। कब क्यों कैसे इन सब मे उलझने की वजह से...

लेखक के बारे में
author
jai prakash prajapati

मैं जयप्रकाश प्रजापती, जन्म दिनांक 15/4/1995। विज्ञान संकाय से बेचलर। लिखने का शौक शुरू से था, पर भाषा का ज्ञान इतना ना था, लेकिन प्रितिलिपि ने मुझे बहुत अच्छा मंच दिया है।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anika Yadav
    11 March 2020
    nice sir 👏
  • author
    P
    18 February 2020
    सुंदर प्रस्तुति
  • author
    hk singh
    10 July 2019
    very nice
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anika Yadav
    11 March 2020
    nice sir 👏
  • author
    P
    18 February 2020
    सुंदर प्रस्तुति
  • author
    hk singh
    10 July 2019
    very nice