
प्रतिलिपिपर्यावरण सम्मान की प्रतियोगिता में भारी संख्या में आई प्रविष्ठियां इस बात का सबूत हैं कि हम सभी अपने पर्यावरण के प्रति चिंतित भी हैं और जागरूक भी।सभी प्रविष्टि अपने आपमें सम्पूर्ण एवं अत्यन्त महत्वपूर्ण है।फिर भी , इन सबमें से हमें तीन को चुनना ही है।
इनके अलावा हमारे जजेज एवं संपादकीय टीम को ये कहानियां भी पसंद आईं -
उसके हिस्से की ख़ुशी -- रतन चंद 'रत्नेश'
आँगन में नीम -- गिरिजा कुलश्रेष्ठ
बापू की सीख -- डॉक्टर शिल्पा जैन
साला फटीचर -- अग्रवाल श्रुत कीर्ति
पंडुक -- अलका शर्मा
आप सभी रचनाकारों को हमारी ढेरों शुभकामनाएं।आपकी लेखनी सदा समृद्ध बनी रहे।