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उसके हिस्से की ख़ुशी

4.2
960

पेय जल की महत्ता पर प्रकाश डालती सुप्रसिद्ध कहानीकार रतन चंद 'रत्नेश' की प्रेरक कहानी।

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लेखक के बारे में

सुपरिचित साहित्यकार। प्रकाशित पुस्तकों में एक उपन्यास 'रेत पर पाँव के निशान', चार कहानी-संग्रह 'सिमटती दूरियां', 'एक अकेली', 'झील में उतरती ठंड' और कबीरा आप ठगाइए। 'कोई अपना' (लघुकथा संग्रह), खिड़की पर छांह (कविता-संग्रह), मूल बांग्ला से हिंदी अनुवाद के अंतर्गत 'बांग्ला की श्रेष्ठ कहानियाँ', 'पेड़ और मनुष्य' (अमर मित्र की कहानियाँ), 'जेल में तीस वर्ष' (एक क्रांतिकारी की आत्मकथा ), बंगाल की प्रसिद्ध 'महाभारत' का हिन्दी में पहला अनुवाद । साथ ही 'हिमाचल की श्रेष्ठ लघुकथाएँ ' (संपादन) , 'लघुकथा हिमाचल ', ओस (संपादन)! विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, बाल-साहित्य, पंजाबी और बांग्ला से अनुवाद, संस्मरण, पर्यटन, लेखादि प्रकाशित और निरंतर लेखन में सक्रिय हैं! संपर्क- [email protected]

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Divya Mathur
    15 जून 2021
    very nyc pani ki kdar aaj bhi nhi krte log pta nhi kb smjhenge
  • author
    सीमा दहिया
    05 मई 2021
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति मुझे यह रचना बहुत अच्छी लगी
  • author
    Akkii
    24 दिसम्बर 2020
    अतिसुन्दर🙏
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    Divya Mathur
    15 जून 2021
    very nyc pani ki kdar aaj bhi nhi krte log pta nhi kb smjhenge
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    सीमा दहिया
    05 मई 2021
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति मुझे यह रचना बहुत अच्छी लगी
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    Akkii
    24 दिसम्बर 2020
    अतिसुन्दर🙏