pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

धोती शतक-धोती शतक

4.3
265

<p>साधक उम्मेदसिंह बैद के पास अत्यंत गूढ विषयों को भी बहुत ही सरल एवम रोचक तरीके से कहने की अद्वितीय क्षमता है।</p> <div>&#39;धोती शतक&#39; उनकी इस क्षमता का साक्षात प्रमाण है, &nbsp;इस शतक की ...

अभी पढ़ें
धोती शतक-बदल सकता है स्वभाव
पुस्तक का अगला भाग यहाँ पढ़ें धोती शतक-बदल सकता है स्वभाव
उम्मेदसिंह बैद "साधक"

बाबूजी के साथ आर्थिक मोर्चे पर असहमतियां इस साधक के मन-तन को तोड़ गई। अर्थोपार्जन के लिये नित्य प्रातः योगासन सिखाने और दो मित्रों की योग-चिकित्सा हेतु साईकिल पर जाता; इस क्रम में खाली पेट 22 किलोमीटर ...

लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mohit Awasthi
    31 मई 2015
    इस धोती की जैसा मैं भी रंग गया हूं। निज स्वभाव के घेरे में ही बन्द हुआ हूं॥ अच्छा भले न समझूं, पर अब क्या बदलूंगा। यही सोच के चुप हूं, अब कुछ ना बदलेगा क्या बात कही है साधक जी, इते आसान शब्द और इतने गूढ़ अर्थ...
  • author
    10 मार्च 2020
    अद्भुत रचना
  • author
    Amit Bijnori
    23 अक्टूबर 2018
    खूब
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mohit Awasthi
    31 मई 2015
    इस धोती की जैसा मैं भी रंग गया हूं। निज स्वभाव के घेरे में ही बन्द हुआ हूं॥ अच्छा भले न समझूं, पर अब क्या बदलूंगा। यही सोच के चुप हूं, अब कुछ ना बदलेगा क्या बात कही है साधक जी, इते आसान शब्द और इतने गूढ़ अर्थ...
  • author
    10 मार्च 2020
    अद्भुत रचना
  • author
    Amit Bijnori
    23 अक्टूबर 2018
    खूब