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जिंदा रहने के लिए एक मुलाकात जरूरी है सनम

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एक तो तेरी जुदाई और उस पर जमाने भर के गम । कैसे जिएंगे हम भला इतना तो बतला दे ओ बेरहम ।कब तक उठायें तेरे बगैर बोझ इस जिंदगी का हम । जिंदा रहने के लिए एक मुलाकात जरूरी है सनम । ...

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लेखक के बारे में
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श्री हरि

हरि का अंश, शंकर का सेवक हरिशंकर कहलाता हूँ अग्रसेन का वंशज हूँ और "गोयल" गोत्र लगाता हूँ कहने को अधिकारी हूँ पर कवियों सा मन रखता हूँ हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान से बेहद, प्यार मैं दिल से करता हूँ ।। गंगाजल सा निर्मल मन , मैं मुक्त पवन सा बहता हूँ सीधी सच्ची बात मैं कहता , लाग लपेट ना करता हूँ सत्य सनातन परंपरा में आनंद का अनुभव करता हूँ हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान से बेहद, प्यार मैंदिल से करता हूँ

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    19 जून 2020
    ख़्वाहिश यह की उनसे नायाब मुलाक़ात एक बार तो हो जाये ज़िन्दगी भर यादों के सहारे गुज़ारने से बेहतर है रुबरू हो जायें
  • author
    Reeta Gupta "रश्मि"
    19 जून 2020
    वाकई लाज़वाब लिखते हैं आप
  • author
    Sushma Tomer
    19 जून 2020
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं ।
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    19 जून 2020
    ख़्वाहिश यह की उनसे नायाब मुलाक़ात एक बार तो हो जाये ज़िन्दगी भर यादों के सहारे गुज़ारने से बेहतर है रुबरू हो जायें
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    Reeta Gupta "रश्मि"
    19 जून 2020
    वाकई लाज़वाब लिखते हैं आप
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    Sushma Tomer
    19 जून 2020
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं ।