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तुम्हें जीतना ही होगा..

4.5
1202

समय अपने रथ पर भव्यता से आगे बढ़ते जा रहा है| मन के धागों को सपनों के सुंदर मोतियों से सजाते हुए राघव भी अपने पथ पर अनवरत चलता जा रहा है| उसे मालूम है कि समय के गुजरने की आहट नहीं होती| उसे मालूम ...

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लेखक के बारे में

पढ़ों तुम,खूब पढ़ो क्योंकि किताबों में हुनर है बहते पानी में आग लगाने का। हाँ पढ़ो तुम दुनियाभर के तमाम साहित्य को, करो श्रृंगार भी साहित्य का क्योंकि इस साहित्यिक श्रृंगार में हुनर है बहुरूपियों को ऊँगलियों पर नचाने का। ✍✍अनुजाराकेश शर्मा ✍✍                                  

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    kanchan pandey
    26 दिसम्बर 2017
    short n sweet yaar..lovely short story..keep it up dear
  • author
    Swati Bhandari
    26 दिसम्बर 2017
    बहुत सुनदर👌
  • author
    Triveni Ninawe
    31 जुलाई 2020
    जीत ही सबसे बड़ी खुशी है।
  • author
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  • author
    kanchan pandey
    26 दिसम्बर 2017
    short n sweet yaar..lovely short story..keep it up dear
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    Swati Bhandari
    26 दिसम्बर 2017
    बहुत सुनदर👌
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    Triveni Ninawe
    31 जुलाई 2020
    जीत ही सबसे बड़ी खुशी है।