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ये कैसा राझ है

4.8
390

न जाने ये कैसा एहसास है जिससे वाकिफ हैं सभी। न जाने ये कैसा राझ है जो छुपाने से भी नहीं छुपता। न जाने ये कैसी बात है जो न करने से भी हो जाती है। यही सुनना चाहते हैं हम फिर अनसुना क्यों करते हैं। न ...

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लेखक के बारे में
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Devanshi Desai
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
  • author
    Mr. Alone...
    22 नवम्बर 2018
    short but osm...👌👌👌👌
  • author
    13 फ़रवरी 2018
    Nice line
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
  • author
    Mr. Alone...
    22 नवम्बर 2018
    short but osm...👌👌👌👌
  • author
    13 फ़रवरी 2018
    Nice line