pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

याद आती है

4.8
414

याद आती है जब मैं मां के गर्भ में था तुम्हारा मां के पेट से कान लगाकर मेरी बातों को सुनना याद आता है ज्ब मैं छह माह का था मध्यरात्रि में मेरा नन्हे हाथों से बाल खींचकर तुम्हें उठाना घंटों तुम्हारे ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    POOJA TIWARI "POOJA"
    27 एप्रिल 2018
    wow....great
  • author
    अल्पज्ञ
    01 जुलै 2023
    बहुत ही भावपूर्ण रचना, एक एक लफ्ज़ सीधे दिल से निकला हुआ और दिल तक पहुंच रहा। भावनाओं का शब्दों के माध्यम से हुबहू चित्रण।🙏🙏
  • author
    Unofficial Researcher.
    05 एप्रिल 2019
    दिल की गहराइयों से एहसास उतारे है। जो सपने सजा ना सके थे। उन सपनों को कल्पना के माध्यम से कागज पर उतारा है।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    POOJA TIWARI "POOJA"
    27 एप्रिल 2018
    wow....great
  • author
    अल्पज्ञ
    01 जुलै 2023
    बहुत ही भावपूर्ण रचना, एक एक लफ्ज़ सीधे दिल से निकला हुआ और दिल तक पहुंच रहा। भावनाओं का शब्दों के माध्यम से हुबहू चित्रण।🙏🙏
  • author
    Unofficial Researcher.
    05 एप्रिल 2019
    दिल की गहराइयों से एहसास उतारे है। जो सपने सजा ना सके थे। उन सपनों को कल्पना के माध्यम से कागज पर उतारा है।