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वो मनहूस लड़की

4.6
12618

वो अठाइस साल की बहुत ही बदसूरत और काली लड़की थी दाँत भी निकले थे पर उसे अपने रंग और बदसूरती का जरा भी अफ़सोस नही था। हमेशा खुश रहती और एक नंबर की पेटू और पढ़ने लिखने में महाभोंदू भी थी । पेटू होने ...

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लेखक के बारे में
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જય વઘાસિયા

कागज की ये महक, ये नशा रूठने को है..!! ये आखिरी सदी है किताबों से इश्क़ की..!!

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Malti Shrivastava
    08 फ़रवरी 2020
    bhut acchi khani per s amaj ke logo ko rang nahi hunar dekhan chiya bhut dukh hua maa ke gusse se unki beti asi ahat hui ki usne esa kadam uta liya kash esa nahi hota
  • author
    12 जनवरी 2019
    ये कहानी आपकी लिखी तो नहीं है, संजीव जी की लिखी हुई है
  • author
    Dharmendra Bhatt
    20 जून 2020
    दिल जिंजोड दिया,रदय स्पर्शी कहानी
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    Malti Shrivastava
    08 फ़रवरी 2020
    bhut acchi khani per s amaj ke logo ko rang nahi hunar dekhan chiya bhut dukh hua maa ke gusse se unki beti asi ahat hui ki usne esa kadam uta liya kash esa nahi hota
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    12 जनवरी 2019
    ये कहानी आपकी लिखी तो नहीं है, संजीव जी की लिखी हुई है
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    Dharmendra Bhatt
    20 जून 2020
    दिल जिंजोड दिया,रदय स्पर्शी कहानी