वो आया था बड़ा पशेमान सा ,कुछ दर्द गाने को हमें मालूम था वह दिल किसी का तोड़ आया था । न थी जलती हुई आँखों में कोई प्यार की नरमी , वो आशिक के जिगर को बेदिली से तोड़ आया था । कहानी चल रही थी ,सीधे रस्ते ...

प्रतिलिपिवो आया था बड़ा पशेमान सा ,कुछ दर्द गाने को हमें मालूम था वह दिल किसी का तोड़ आया था । न थी जलती हुई आँखों में कोई प्यार की नरमी , वो आशिक के जिगर को बेदिली से तोड़ आया था । कहानी चल रही थी ,सीधे रस्ते ...