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विस्थापन

4.8
1176

"पापा ये पौधा सूख नहीं जायेगा?" ससुराल से मायके आयी अनुसूया नें पूछा। "अगर पूरा ध्यान रखो तो नहीं सूखेगा।"पौधे में खाद पानी डालते हुए पिता नें कहा। "लेकिन आपने इसे जड़ से उखाड़कर दूसरे गमले में ...

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लेखक के बारे में
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अल्पना नागर

मूलतः राजस्थान की भूमि से,वर्तमान निवास नई दिल्ली।अभिरुचियों में लेखन पठन और गायन मुख्य है।प्रकाशित साहित्य में काव्य संग्रह 'मुट्ठी भर धूप', एक साझा काव्य संग्रह 'बेलगाम' है।अब तक विभिन्न साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं में कविताएं व कहानियां प्रकाशित।ब्लॉग-alpananagar.blogspot.in Email - alpanaalpu88@gmail.com

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Pushpendra Kumar Singh
    10 मई 2018
    bahut sahi bat
  • author
    हेमंत मोढ़ "Happy-Mentor"
    27 मई 2019
    अपनी बात कहने का शानदार तरीका... कहानी की खूबसूरती हैं! "प्यार का एहसास" पढ़िएगा प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
  • author
    Ravindra Narayan Pahalwan
    07 मई 2019
    आपने विषयवस्तु को बहुत ही श्रेष्ठ तरीके से उठाया है. मैं रचना की सराहना करता हूँ...
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    Pushpendra Kumar Singh
    10 मई 2018
    bahut sahi bat
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    हेमंत मोढ़ "Happy-Mentor"
    27 मई 2019
    अपनी बात कहने का शानदार तरीका... कहानी की खूबसूरती हैं! "प्यार का एहसास" पढ़िएगा प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
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    Ravindra Narayan Pahalwan
    07 मई 2019
    आपने विषयवस्तु को बहुत ही श्रेष्ठ तरीके से उठाया है. मैं रचना की सराहना करता हूँ...