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वक्त

4.2
1019

धडी की सुईयां चल रही हैं, पर वक़्त थम सा रहा है। कुछ ख़ुशी का पल आ गया है, पर वक़्त फिर से थम सा रहा है। कुछ गम का पल छा गया है, पर वक़्त फिर से थम सा रहा है। कुछ नाराज़ सी वो हो गई है, पर वक़्त फिर से ...

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लेखक के बारे में

फुरसत के पल कलम के साथ बिताता हूँ। प्रतिलिपि ने 2016 में मुझे लोकप्रिय लेखक का एक छोटा सा सम्मान दिया। अप्रैल 2022 में कहानी 'पागल' को पुरस्कृत किया। प्रतिलिपि सुपर लेखक अवार्ड्स 4 में "यही जीवन है" पुरस्कृत है। पेपरबैक और किंडल पर उपलब्ध मेरी पुस्तकों का लिंक है https://amzn.to/3mN1L4M

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sonu Shrma "महेश"
    16 नवम्बर 2022
    nice and real
  • author
    S
    07 जनवरी 2022
    बहुत बढ़िया सर
  • author
    Adv.Rushikesh Kalwaghe
    27 अप्रैल 2020
    excellent one
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    Sonu Shrma "महेश"
    16 नवम्बर 2022
    nice and real
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    S
    07 जनवरी 2022
    बहुत बढ़िया सर
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    Adv.Rushikesh Kalwaghe
    27 अप्रैल 2020
    excellent one