(उसका खयाल् ) बडी सिद्दत से उसने, जब इस जहान को बनाया होगा। कुछ तो खयाल उसके मन मे भी, जरूर आया होगा। खुशियोँ के ताने बाने मेँ , खींच दी होगी दुख की सुन्दर लकीर , और कमाल की अपनी इस कारीगरी पे , ...

प्रतिलिपि(उसका खयाल् ) बडी सिद्दत से उसने, जब इस जहान को बनाया होगा। कुछ तो खयाल उसके मन मे भी, जरूर आया होगा। खुशियोँ के ताने बाने मेँ , खींच दी होगी दुख की सुन्दर लकीर , और कमाल की अपनी इस कारीगरी पे , ...