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उस रात की गंध

4.2
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लड़की मेरी आँखों में किसी अश्लील इच्छा की तरह नाच रही थी। 'पेट्रोल भरवा लें।' कह कर कमल ने अपनी लाल मारुति जुहू बीच जानेवाली सड़क के किनारे बने पेट्रोल पंप पर रोक दी थी और दरवाजा खोल कर बाहर उतर गया ...

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लेखक के बारे में

जन्म : 25 दिसंबर 1956, मेरठ (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी विधाएँ : कहानी, उपन्यास उपन्यास : समय एक शब्द भर नहीं है, हलाहल, गुजर क्यों नहीं जाता, देश निकाला   कहानी संग्रह : लोग हाशिये पर, आदमीखोर, मुहिम, विचित्र देश की  प्रेमकथा, जो मारे जाएँगे, उस रात की गंध, खुल जा सिमसिम, नींद के बाहर पुरस्कार: इंदु शर्मा कथा सम्मान, राष्ट्रीय संस्कृति सम्मान, मौलाना अबुल कलाम आजाद पत्रकारिता पुरस्कार पता: डी-2/102, देवतारा अपार्टमेंट्स, मीरा सागर कांप्लेक्स, रामदेव पार्क रोड, मुंबई - 7 दूरभाष:: 91-9821872693, 91-22-65282046

समीक्षा
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  • author
    Surendra Verma
    30 ആഗസ്റ്റ്‌ 2015
    मुम्बई के जीवन को बहुत नजदीकी से परख कर नंगी सच्चाई बयान करती हुए कहानी है। मेरे जैसे मुम्बई से बाहर रहने वाले जिन लोगो ने यदा कदा वहाँ के जीवन को नजदीक से देखा है वो इस कहानी के मर्म को आसानी से समझ सकते हैँ। लेखक को बधाई।
  • author
    Rahil fatma
    26 ജൂലൈ 2019
    ज़बरदस्त राइटिंग ....निर्भीक अंदाज़, लफ़्ज़ों पर खूबसूरत पकड़, सच्ची रचना के तमाम रंग इस कहानी में मौजूद हैं , बेहद बेहद बेहतरीन अंदाज़।आपको हज़ार मुबारकबाद,,,👍
  • author
    Satya Prakash Shukla
    17 ഒക്റ്റോബര്‍ 2018
    महानगरों में युवाओं के संघर्ष की जद्दोजहद औऱ उनके अंतर्मन की व्यथा को दर्शाती एक बेहतरीन रचना, साथ ही समाज का नंगा व कड़वा सच।शुभकामनाएं आपको, भावी सफलता हेतु।
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    Surendra Verma
    30 ആഗസ്റ്റ്‌ 2015
    मुम्बई के जीवन को बहुत नजदीकी से परख कर नंगी सच्चाई बयान करती हुए कहानी है। मेरे जैसे मुम्बई से बाहर रहने वाले जिन लोगो ने यदा कदा वहाँ के जीवन को नजदीक से देखा है वो इस कहानी के मर्म को आसानी से समझ सकते हैँ। लेखक को बधाई।
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    Rahil fatma
    26 ജൂലൈ 2019
    ज़बरदस्त राइटिंग ....निर्भीक अंदाज़, लफ़्ज़ों पर खूबसूरत पकड़, सच्ची रचना के तमाम रंग इस कहानी में मौजूद हैं , बेहद बेहद बेहतरीन अंदाज़।आपको हज़ार मुबारकबाद,,,👍
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    Satya Prakash Shukla
    17 ഒക്റ്റോബര്‍ 2018
    महानगरों में युवाओं के संघर्ष की जद्दोजहद औऱ उनके अंतर्मन की व्यथा को दर्शाती एक बेहतरीन रचना, साथ ही समाज का नंगा व कड़वा सच।शुभकामनाएं आपको, भावी सफलता हेतु।