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अनकहा सा इश्क़

4.5
90139

मुझे छल नही आता।और मेरी आत्मा आज भी जिन्दा हैं इस युग में भी जब की मैं बहुत बार छली गयी।ये सब उसने बड़ी सरलता से कह दिया था, जरा सा भी गुस्सा या शिकायत किये बिना बहुत ही प्यार से, कायल था मैं उसके ...

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लेखक के बारे में
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Anjali Yadav

संवेदनशील होना बुरा नही है,बुरा हैं संवेदनहीन होना....इंसान है हम फिर भी अगर हम भावनाओ की कद्र न करे तो ज्यादा फर्क नही रह जाता पशु और इंसान में.....

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