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रूह की रूहानी ताकत

2.5
1593

रीमा मानती थी की सिर्फ लड़के ही नहीं लडकिया भी लडको को गंदी नजर से देखती है , इससब पर विश्बास करना मुश्किल है ,लेकिन कुछ तो बात थी उस रूह की रूहानी ताकतों में |

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लेखक के बारे में
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ऋषभ Kumar
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Aashu Khan
    31 अक्टूबर 2018
    kya tha he dimag ka dahi ya kuch aur..
  • author
    Nick
    26 दिसम्बर 2018
    दुसरो का समय बर्बाद करने के लिए लिखा है क्या ? एक स्टार भी ज्यादा है इसके लिए।
  • author
    सोनम त्रिवेदी
    06 नवम्बर 2018
    mujhe iska end bilkul samjh nhi aya
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  • author
    Aashu Khan
    31 अक्टूबर 2018
    kya tha he dimag ka dahi ya kuch aur..
  • author
    Nick
    26 दिसम्बर 2018
    दुसरो का समय बर्बाद करने के लिए लिखा है क्या ? एक स्टार भी ज्यादा है इसके लिए।
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    सोनम त्रिवेदी
    06 नवम्बर 2018
    mujhe iska end bilkul samjh nhi aya