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टूटता तारा

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ए टूटते हुवे तारे!              मुझे बता,,,              तू खुद टूटकर भी              दूसरो की आशाएं              कैसे पूरी कर देता है?               इतनी हिम्मत ,,,               कहां से ...

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लेखक के बारे में

जिंदगी जैसी भी है,,,दिल खोल कर जीएं,,,,क्योंकि 💖 जिंदगी ना मिलेगी दोबारा,💖

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    प्रे_rna 🌒🕊️
    19 नवम्बर 2020
    Really Amazing 😍😍😍
  • author
    Pandey Jitendra "Jeet"
    18 नवम्बर 2020
    बहुत खूबसूरत दिल के जज़्बात 👌👌💐💐
  • author
    Anurag Singh
    17 नवम्बर 2020
    super sunder,
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  • author
    प्रे_rna 🌒🕊️
    19 नवम्बर 2020
    Really Amazing 😍😍😍
  • author
    Pandey Jitendra "Jeet"
    18 नवम्बर 2020
    बहुत खूबसूरत दिल के जज़्बात 👌👌💐💐
  • author
    Anurag Singh
    17 नवम्बर 2020
    super sunder,