pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

तुम स्त्री हो ....

4.7
604

सावधान रहो सतर्क रहो किस किस से कब कब कहाँ कहाँ हमेशा रहो हरदम रहो जागते हुए भी सोते हुए भी क्या कहा ? ख्वाब देखती हो किसने कहा था बंद करो कल्पना की कूची से आसमान में रंग भरना उड़ना चाहती हो ? क़तर ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
महिमा श्री

शिक्षा :- एम.सी.ए, एम जे. लेखन विधाएँ :- अतुकांत कविताएँ, ग़ज़ल, दोहें, कहानी, यात्रा-वृतांत, सामाजिक विषयों पर आलेख , समीक्षा साहित्यिक गतिविधियाँ:-एकल काव्यसंकलन अकुलाहटें मेरे मन की, अंजुमन प्रकाशन 2015, साझा काव्य संकलन “त्रिसुन्गंधी” , “परों को खोलते हुए-१”, “ सारांश समय का” , “काव्य सुगंध -2” “कविता अनवरत-3” में रचनाएँ शामिल, देश के विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में यथा सदानीरा, सप्तपर्णी, सुसम्भाव्य,आधुनिक साहित्य ,अंजुमन ,अटूटबंधन, खुशबू मेरे देश की, इ-पत्रिका- शब्द व्यंजना, जय-विजय आदि में रचनाएँ प्रकाशित, अंतर्जाल और गोष्ठीयों में साहित्य सक्रियता , सामाजिक कार्यों में सहभागिता सम्प्रति :पब्लिक सेक्टर में सात साल काम करने के बाद (मार्च २००७-अगस्त २०१४) वर्तमान में स्वतंत्र लेखन, पत्रकारिता , नई दिल्ली Blogs:www.mahimashree.blogspots.in  

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mj
    08 जुलाई 2019
    👌👌👌 तुम वो करो जो मन हो जो इच्छा हो तुम्हारी क्योंकि तुम स्त्री हो , तुम दुर्गा हो तुम जननी हो तुम काली हो तुम चंडी हो । ये राछस तो किसी भी युग में पिछा नहीं छोड़ेंगे इसलिए उनसे लड़ने के लिए खुद को सशक्त बनाओ और फिर उड़ जाओ।
  • author
    Storyteller Ahana
    21 अक्टूबर 2020
    Aapki kavita me bohot dard h usse mai mehsus kar sakti hu kyuki main ek ladki hu😴
  • author
    Sumedha Prakash
    09 अक्टूबर 2018
    शब्द नहीं है मेरे पास... क्या बात है.... बहुत खूब 💐💐
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mj
    08 जुलाई 2019
    👌👌👌 तुम वो करो जो मन हो जो इच्छा हो तुम्हारी क्योंकि तुम स्त्री हो , तुम दुर्गा हो तुम जननी हो तुम काली हो तुम चंडी हो । ये राछस तो किसी भी युग में पिछा नहीं छोड़ेंगे इसलिए उनसे लड़ने के लिए खुद को सशक्त बनाओ और फिर उड़ जाओ।
  • author
    Storyteller Ahana
    21 अक्टूबर 2020
    Aapki kavita me bohot dard h usse mai mehsus kar sakti hu kyuki main ek ladki hu😴
  • author
    Sumedha Prakash
    09 अक्टूबर 2018
    शब्द नहीं है मेरे पास... क्या बात है.... बहुत खूब 💐💐