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टिटलागढ़ की एक रात

4.0
164758

बात कई साल पुरानी है .जब मेरी नयी नयी नौकरी नागपुर में लगी थी .मैं एक सेल्समेन था और मुझे बहुत टूर करना पड़ता था. मार्च महीने के दिन थे . दोपहर का वक़्त था और तेज गर्मी से मेरा बुरा हाल था . बुरा हो ...

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लेखक के बारे में

Name : Vijay Kumar Sappatti Education : MBA, PG-HRD, PG-MKTG, DEGREE-Economics & English Literature, DIPLOMA in Mining Engineering Job : Marketing Consultant Publications : Two books in Hindi – one for poetry and one for stories Poetry – “ Ujale Chaand Kee Beceni “ Story- “ Ek Thi Maaya “ Many poems and stories published in various national and international magazines [ both in print & electronic medium ] Major Blogs Poems – http://frozenmomentsoflifetime.blogspot.in ,Writings - http://thewritingonwall.blogspot.in

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    24 ஜூலை 2015
    मज़ा आ गया पढ़ कर विजय जी। कहानी शुरू से लेकर आखरी तक पाठक को बांधकर रखती है। हिंदी में हॉरर कहानियाँ अक्सर कम ही पढ़ने को मिलती है। कृपया लिखते रहिये।
  • author
    GAURAV Gupta
    21 ஜூலை 2018
    very interesting
  • author
    Mohit Awasthi
    31 மே 2015
    विजय जी, कवर इमेज से लेकर और कहानी के आखिरी वाक्य तक सब कुछ बेहतरीन लिखा है आपने.  बस एक ही शिकायत है  आपसे मेरी कि  आप बहुत कम लिखते हैं, कितने दिन इंतजार करना पड़ता है आपकी  नयी कहानी पढ़ने के लिए :-(
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    24 ஜூலை 2015
    मज़ा आ गया पढ़ कर विजय जी। कहानी शुरू से लेकर आखरी तक पाठक को बांधकर रखती है। हिंदी में हॉरर कहानियाँ अक्सर कम ही पढ़ने को मिलती है। कृपया लिखते रहिये।
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    GAURAV Gupta
    21 ஜூலை 2018
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    Mohit Awasthi
    31 மே 2015
    विजय जी, कवर इमेज से लेकर और कहानी के आखिरी वाक्य तक सब कुछ बेहतरीन लिखा है आपने.  बस एक ही शिकायत है  आपसे मेरी कि  आप बहुत कम लिखते हैं, कितने दिन इंतजार करना पड़ता है आपकी  नयी कहानी पढ़ने के लिए :-(