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लेखक के बारे में
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ऋषभ शुक्ला

मैं एक छाया चित्रकार, यात्री और चिट्ठा लेखक हूँ| मुख्य रूप से मुझे लिखना-पढ़ना, घूमना-फिरना और विभिन्न चीजों को कैमरे मे कैद करना पसंद है| मुझे कुछ नया करना पसंद है| हिन्दी कविता मंच - https://hindikavitamanch.blogspot.com/ मेरे मन की - https://meremankee.blogspot.com/ घुमक्कड़ी दिल से - https://theshuklajee.blogspot.com/ यूट्यूब - https://www.youtube.com/channel/MereManKee फेसबुक - https://www.facebook.com/theshuklaji/ इंस्टाग्राम - https://instagram.com/theshuklajee/ ट्विटर - https://twitter.com/theshuklajee/ संपर्क करें - [email protected]

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mahesh Dwivedi
    18 जनवरी 2020
    आज बच्चे नए माहौल में जी रहे हैं उनके पंख जल्द ही लग जाते हैं क्या कर रहे हैं उनको खुद समझ नहीं आता है किसी की भी धज्ज उड़ाने में उनको फर्क नहीं पड़ता है
  • author
    Shivam Shukla
    05 मार्च 2020
    Bahut khub
  • author
    दीपक सत्य
    27 जनवरी 2018
    वक्त नुर को बेनुर कर देता है .थोडे से जख्म को नासुर कर देता है लोग कितना भी होना चाहे अपनो से दुर वक्त मिलने को मजबुर कर देता है
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    Mahesh Dwivedi
    18 जनवरी 2020
    आज बच्चे नए माहौल में जी रहे हैं उनके पंख जल्द ही लग जाते हैं क्या कर रहे हैं उनको खुद समझ नहीं आता है किसी की भी धज्ज उड़ाने में उनको फर्क नहीं पड़ता है
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    Shivam Shukla
    05 मार्च 2020
    Bahut khub
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    दीपक सत्य
    27 जनवरी 2018
    वक्त नुर को बेनुर कर देता है .थोडे से जख्म को नासुर कर देता है लोग कितना भी होना चाहे अपनो से दुर वक्त मिलने को मजबुर कर देता है